Suman Man Gopallal
सुमन मन गोपाललाल
सुमन मन गोपाललाल सुंदर अति रूपजाल मिटहें जंजाल निरखत सब गोपबाल ॥ मोरमुकुट सीसधरे बनमाला सुभगगरे सबकोमन हरे देख कुंडलकी...
Raag
Read 233 Pushtimargiya kirtans in Bilaval · बिलावल with original Braj Bhasha text and English meanings.
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सुमन मन गोपाललाल
सुमन मन गोपाललाल सुंदर अति रूपजाल मिटहें जंजाल निरखत सब गोपबाल ॥ मोरमुकुट सीसधरे बनमाला सुभगगरे सबकोमन हरे देख कुंडलकी...
सुंदर श्याम छबीलो
सुंदर श्याम छबीलो ढोटा डार गयो मोपे मदन ठगोरी ॥ निर्तत गावत वेनु बजावत संग सखा हलधर की जोरी ॥१॥ कबहुंक गेंदन मार नचावत...
गोप के भेख
गोप के भेख गोपाल गायन हेत दृगन सुखदेत ॥ शिर सुभग फेंटा सखी ॥ परस रह्यो भ्रों पर पेज पच भास ढर लागत सोहावनो दाहेंनो अेंर...
फब्यों फेंटा ललित
फब्यों फेंटा ललित लाल के शिश पर निरखी छबी माधुरी अखियां सिरातरी ॥ प्रेमड़ी बावरी हों सखी ने रही सुध बुध बिसर गई द्वार व...
लटपटी पाग बनी
लटपटी पाग बनी सिर आज । टेढी धरी चंद्रिका सुन्दर भई मन्मथ मन लाज ॥१॥ नखसिख बानिक कहत न आवे लटपटे भूषन साज । परमानंददासको...
देखरी देख नवकुंज
देखरी देख नवकुंज घन सघन तर ठाडे गिरिवरधरन रंग भीने। मुकुट सिर लाल कटि काछिनी बेनु कर राधिका संग भुज अंस दीने ॥१॥ मकरकुं...
मेरी अखियन देख्यो
मेरी अखियन देख्यो गिरिधरभावे ॥ कहा कहूं तोसों सुन सजनी उतहीं क्यों उठि धावे ॥१॥ मोर मुकुट काननकुंडल सखी तन गति सबें बिस...
स्यामतन प्रिया भूख
स्यामतन प्रिया भूख न बिराजे। कनक मनिमुकुट कुंडल श्रवन वनमाल अधरमधुरी धरे नाहि छाजे ॥१॥ निरख अब परस्पर रीझे दोऊनार बर गय...
सुंदर वदन देख्यो
सुंदर वदन देख्यो आज क्रीट मुगट सुहावनो । मन भावनो ब्रजराज । लीयो मन आकर मुरली रही अधर पर साज ॥१॥ कलक ओट न सही सके लछि म...
प्रातसमैदधिमथतयशोदा
प्रातसमेंदधिमथतयशोदा प्रमुदित कमलनयन गुणगावत ॥ अतिहीमधुरगति कंठसुघर अतिनंद सुवनचित हितहिबढावत ॥१॥ नीलवसनतन सलिलसजल मनदा...
नेकरहोमांखनदेऊंतुमको
नेंकरहोमांखनदेऊंतुमको ठाडीमथतजननी दधिआतुरलोनी नंदसुवनको ॥१॥ मैबलजाऊं स्यामघनसुंदर भूखलगी तुम्हें भारी ॥ बातकहूंकी बूझतस...
बात नहीं सुतलायलियो
बात नहीं सुतलायलियो ॥ तबलोंदधिमथजननी यशोदामाखनकर हरिहाथदियो ॥१॥ लैलैअधरपरसकर जेंवतदेखत फूल्योमातहियो ॥ आपुहिखात प्रसंसत...
आजभोरही राधिकायशुमति
आजभोरही राधिकायशुमति गृहआई ॥ महरिकह्योहँस दधिमथो-वृषभानदुहाई ॥१॥ सुनआयुस ठाडीभई करनेतिसुहाई ॥ रीतेमांट विलोवही चितजहांक...
नंदगाम नीकोलागतरी
नंदगाम नीकोलागतरी ॥ प्रातसमैदधिमथत ग्वालिनी सुनत मधुर ध्वनि गाजतरी ॥१॥ धन्ययेगोपी धन्ययेग्वाल जिनकेमोहन उरलाग तरी ॥ हलध...
दधिमथतगवालगरवीलीरी
दधिमथतगवालगरवीलीरी ॥ रुनकझुनक कटिकिंकिणी बाजत बाह झूलावतढीलीरी ॥१॥ कमलनयन दधिमांखनमांगत नाहिनदेतहठीलीरी ॥ भरीगुमान विलो...
याविलोवने ऊपर वारोरीमाई
याविलोवने ऊपर वारोंरीमाई कोटिनाँच ॥ छबिसोंडूलत कटिपरवेनी दधिकी घुमड और क्वणितवलयक्षुद्रघंटिका ध्वनिसुन नूपरकरतसांच ॥१॥...
मथतदधिमथनीटेकअरें
मथतदधिमथनीटेकअरें ॥ आरकरोजिन स्याममनोहर वासुकी शंभुडरे ॥१॥ मंदरडरत सिंधुतनकांप्यो अबबलकहाकरें ॥ तीनलोकदेख विस्मयभयो फिर...
यशुमतिदधिमंथनकरत बैठीवडधाम
यशुमतिदधिमंथनकरत बैठीवडधाम अजिरठाढेहरिहँसतनेन्ही दँतियानछबिछाजें ॥ चितवतचित रह्योलुभाय शोभाकछुकहीनजाय मुनिनकेमनहरनको मो...
नंदजूकेबारे कान्ह
नंदजूकेबारे कान्ह छांडदेमथनियां ॥ बारंबारकहे मातयशोमति नंदरनियां ॥१॥ नेंकरहो माखनदेहों मेरेप्राणधनियां ॥ आरजिनकरो बल गई...
नंदरानी हो दधिमंथनकरें
नंदरानी हो दधिमंथनकरें ॥ बारे कन्हैयाआरनकीजे छांडअब देहु मथानी ॥१॥ वारी मेरे मोहनकर पिरायेंगे कौनचितमें मतिठानी ॥ हँसमु...
गोविंद दधि नविलोवनदेहो
गोविंद दधि नविलोवनदेहो ॥ बारबारपायपरतजू लालकलेऊलेहो ॥१॥ कंकणचीरहारमणिगण वदत घोखमुदुबानी ॥ बांधकटिपटक्षुद्रघंटिका मुदितन...
भूलीरीदधिमंथन करवो
भूलीरीदधिमंथन करवो ॥ देखतरसिकनंदनंदनको डगमगातपगधरवो ॥२॥ रहिगई चितैचित्रजैसे एकटक नयन निमेषनपरवो ॥ चतुर्भुज प्रभुगिरिधरन...
महरिकहतरी लाडली
महरिकहतरी लाडली किनमथनसिखायो ॥ कहूमथनीकहुँमाट हैचितकहांलगायो ॥१॥ क्योंमेरेघर आयके तेंसबविसरायो ॥ मथननहीं मोहिआवही तुमसो...
प्रातसमें उठियशोमति
प्रातसमें उठियशोमति दधिमंथनकीनों ॥ प्रेमसहित नवनीतलै सुत के मुखदीनों ॥१॥ ओटेदूधघैयाकियो हरिरुचिसोलीनों ॥ मधुमेवापकवानले...
देखोरीमाई कैसीहैग्वालिन
देखोरीमाई कैसीहैग्वालिन उलटीरईमथनियां विलोवे ॥ बिननेती करचंचल पुनपुननवनीते टकटोवे ॥१॥ निरखस्वरूप चोंट चितलाग्यो एकटक गि...
आनंदसोंदधिमथति यशोदा
आनंदसोंदधिमथति यशोदा कनकमथनियां घूमें ॥ नृत्यतकान्ह ललितलोचन पगधरतअटपटे भूमें ॥१॥ चारुचकोडामध्य कुटिलकचश्रम मुक्ताताहूम...
आजसखीरी प्रातसमेंदधिमथवे
आजसखीरी प्रातसमेंदधिमथवे उठअकुलाई ॥ भरभाजन मणिखंभ निकटधरि नेतलियोकरजाई ॥१॥ सुनतशब्दहरितासमीप हँसउठआयेहरुवाई ॥ मोहीबालवि...
नेकचितेचलेरीलालन
नेकचितेचलेरीलालन सखी लेजुगयेचितचोर ॥ कबकी ठाडी चितवत प्रीतमकोमुसकानी मुखमोर ॥१॥ होंदधिमथनकरत ही भवन में उझकचले ब्रजराजक...
रईकोघमरकोहोय त्योंत्योंगिरिधरनाचें
रईकोघमरकोहोय त्योंत्योंगिरिधरनाचें ॥ तैसी यह किंकिणीध्वनि औरपगनूपुर रसहिमिलेस्वरदोय ॥१॥ कनककोकठुला द्वैलरमोती बघनाराख्य...
मैयामोको माखनमिश्रीभावे
मैयामोको माखनमिश्रीभावे ॥ जो मेवापकवानदेतू मोहिनहीं रुचिआवे ॥१॥ व्रजयुवती एक पाछेठाडी सुनत स्यामकी बात ॥ मनमनकहतकबहू मे...
फुलीफिरत ग्वालमनमेंरी
फुलीफिरत ग्वालमनमेंरी ॥ पूछतसखी परस्परबातें पायोपर्यो कछू कहूंतेंरी ॥१॥ पुलकितरोमरोम गदगदमुख बानी कहतनआवै ॥ ऐसो कहा याह...
आज हरि मणिखं
आजहरि मणिखंभनिकटह्वे जहां गोरसकीगोरी ॥ निजप्रतिबिंब सिखावत योंशिशु प्रकटकरो जिनचोरी ॥१॥ अर्धविभागआजते हमतुम भलीबनीहै जो...
करत हरि वालन
करत हरि वालन संग विचार ॥ चोरी माखन खाहु सबै मिल करो बालविहार ॥१॥ यह सुनत सबसखाहरखे भली कही कन्हाई ॥ हरि परस्पर देत तारी...
चली व्रज घर
चली व्रज घर घर यह बात ॥ नंदसुत सब सखालीने चोरि माखन खाता ॥१॥ कोऊ कहत मेरे भवन भीतर अबही पैठे धाई ॥ कोऊ कहत मोहि देख छोर...
अंधियारें घर स्याम
अंधियारें घर स्याम रहे दूर ॥ अबहीं मैं देखे नंदनंदन चरित्र भयोमन ही मनजूर ॥१॥ पुनपुनचक्रित होत अपने जियकैंसेहै यह बात ॥...
देखत फिर ग्वालिनि
देखतफिरे ग्वालिनिद्वारे ॥ तबयहबुद्धि रचीअपनेमन भीतर डाक परोंपिछवारे ॥१॥ सूनेभवन कहूंकोउनाहीं मानो याही कोराज ॥ भांडेधरत...
स्यामकहा चाहतसेडोलत
स्यामकहा चाहतसेडोलत ॥ बूझे हुते वदनदुरावत सूधेबोल नबोलत ॥१॥ सूनेनिपट अंध्योरमंदिर दधिभाजन में हाथ ॥ अबकाकोतुम उत्तर करह...
ग्वालिनजोदेखेघर आय
ग्वालिनजोदेखेघर आय ॥ माखनखाँय चुरायस्यामतब आपुन रही छिपाय ॥१॥ ठाडीभई मथानीकेढिंग रीतीपरीकमोरी ॥ अबहीगई आईइनपायन लेगयोको...
सखासहित गयेमाखनचोरी
सखासहित गयेमाखनचोरी ॥ देखोस्याम वापंथहैगोपी एकमथत दधिभोरी ॥१॥ हेरमथानी धरीमांटतें माखनहैउतरात ॥ आपगई कमोरीमाँगन हरिपाईत...
सांवरो गोविंद लोलामाई
सांवरो गोविंद लोलामाई ॥ ग्वालठाडी हँसेंप्राण हरिमेंबसे कामकीबावरी चारुबोला ॥१॥ आवरी ग्वालिनी मेलदे बाछरा आनदे हो दोंहनी...