Vrindavan Kanakbhumi Nrityat
वृन्दावन कनकभूमि नृत्यत
वृन्दावन कनकभूमि नृत्यत व्रज नृपति कुंवर ॥ उघटत शब्द सुमुखी रसिक ग्रग्रतततत तथेईथेई गति लेतसुघर ॥१॥ लाल काछ कटि किंकिणी...
Raag
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वृन्दावन कनकभूमि नृत्यत
वृन्दावन कनकभूमि नृत्यत व्रज नृपति कुंवर ॥ उघटत शब्द सुमुखी रसिक ग्रग्रतततत तथेईथेई गति लेतसुघर ॥१॥ लाल काछ कटि किंकिणी...
पावस नटनटयो अखारो
पावस नटनटयो अखारो वृन्दावन अवनीरंग ॥ नृत्यत गुणरास बरुहा पपैया शब्द उघटत ओर कोकिला कल गावत तानतरंग ॥१॥ जलधर तहां मंदमंद...
आईजू स्याम जलद घटा
आईजू स्याम जलद घटा ओल्हर चहूंदिशतें घनघोर ॥ दंपति अति रस रंग भरे बांह जोटी फिरत कुसुम बीनत कालिंदीतटा ॥१॥ नेन्ही नेन्ही...
देखो माई सुन्दरताको रास
देखो माई सुन्दरताको रास ॥ अति प्रवीण वृषभान नंदिनी निरख बंधे दृगपास ॥१॥ अंग अंग प्रति अमित माधुरी भृकुटी मदन विलास ॥ जब...
देखोमाई सुन्दरताकी सीवा
देखोमाई सुन्दरताकी सीवा ॥ व्रज नवतरुणी कदंब मनोहर निरख करत अधग्रीवा ॥१॥ जो कोई कोटि कल्पलग जीवे कोटिक रसना पावे ॥ तो यह...
देखो माई अबलाकी बलरास
देखो माई अबलाकी बलरास ॥ अतिगजमत्त निरंकुश मोहन निरखबंधे लटपास ॥१॥ अतिही पंगु भई मनकी गति बिन उद्यम अनायास ॥ तबकी कहा कह...
देखामाई रूप सरोवर साजें
देखामाई रूप सरोवर साजें ॥ व्रजवनिता व्रजवारि वृन्दमें श्रीव्रजराज बिराजें ॥१॥ लोचन जलज मधुप अलकावलि कुंडल मीनसलोलें ॥ क...
तुम देखो माई सुंदरताको
तुम देखो माई सुंदरताको रूप ॥ मन बुद्धि देदे चिते रही हों कमल नयनको रूप ॥१ ॥ कुंचित केश सुदेश अलिगण वदनजो सहज सरोज ॥ मकर...
सब सखी कसुंबा छठही
सब सखी कसुंबा छठही मनावो ॥ अपने अपने भवन भवनमें लालही लाल बनावो ॥१॥ विविध सुगंध उबटनों लेके लालन उबट न्हवावो ॥ उपरना ला...
बरखत मेघ मोर पिक
बरखत मेघ मोर पिक बोलत लागत बूंद सुहाई ॥ तब गिरिधर पिय गोड रागकर मद मंद ध्वनी गाई ॥१॥ कसुंभी चीर देख मेरो भीजे तब गोपाल...
नीकसि ठाडी भईरी
नीकसि ठाडी भईरी चढ नवल धवल महेल रंगीली आलीयन मांझ ॥ तेसेई उनये घन तेसीये बूंदन तेसीये कसुंभी सारी तेसीये फुलीहे सांझ ॥१...
ठांय ठांय नाचत मोर
ठांय ठांय नाचत मोर सुन सुन नवघनकी घोर बोलतहें चहुं और अतीही सुहावने ॥ घुमडत घनघटा निहार आगम सुख जाय विचार चातक पिक मुदि...
आजबन भीजत कोन कुमार
आजबन भीजत कोन कुमार ॥ को अबसेर किये हिये में बैठीहे घरबार ॥१॥ काकी भीजे पाग कुसुंभी सोंधे भीजे वार ॥ कटि पिछोरा भीजे उप...
स्यामघन कारे कारे बादर
स्यामघन कारे कारे बादर ऋतु पावसहें कारे॥ कारी कोयल वन वन बोलत मोरकरा हिलकारे ॥१॥ कारे धुरवा धार छूटतहें कारे कारे काजर...
देखो माई अति बनेहें
देखो माई अति बनेहें गोपाल ॥ तन राजतहे श्याम पिछोरा श्याम पाग धर भाल ॥१॥ स्याम उपरना श्यामही फेंटा श्याम घटा अति लाल ॥ र...
देखो माई बसन ओरही
देखो माई बसन ओरही चटक ॥ शोभा देत सरस सुंदर तन स्याम पाग सिर लटक ॥१॥ स्याम पिछोरा श्याम उपरना श्याम छरी हाथ मटक ॥ चतुर्भ...
व्रज पर श्यामघटा जुर
व्रज पर श्यामघटा जुर आई ॥ तेसीये दामिनी चहुं दिश कोंधत लेत तरंग सुहाई ॥१॥ सघन छांय कोकिला कूजत चलत पवन सुखदाई ॥ गुंजत अ...
श्याम घटा उठी चहुंदिसतें
श्याम घटा उठी चहुंदिसतें बरसन लागो भारो ॥१॥ स्यामही पाग स्यामही पटका प्यारी जुको भीज्यो सालु कारो ॥ श्रीविट्ठल गिरिधरन...
निरख सखी नीलांबर को
निरख सखी नीलांबर को छोर ॥ झूम रह्यो सखी वदन चंदपे आई घटा घनघोर ॥१॥ हंसन लसन दामिनी द्युति बिलसत दशनख चंद चकोर ॥ कृष्णदा...
कुमुदवन स्याम करतहें विहार
कुमुदवन स्याम करतहें विहार ॥ रही ढरक शीर पाग सोसनी गावत राग मल्हार ॥१॥ तेसोई बन्यो सोसनी पिछोरा मोतिन माल गरेंधार ॥ बरस...
बादली साज बन्यो अति
बादली साज बन्यो अति सुन्दर चहुंदिसतें बादर जुरी आई ॥ध्रुव ॥ गरजत गगन दामिनी दमकत ता मधि जुगल किसोर सुहाई । बादली पाग पि...
रही झुक लाल गुलाबी
रही झुक लाल गुलाबी पाग ॥ तापर एक चंद्रिका राजत लाल तिलक छबि लाग ॥१॥ तेसोई बन्यो पिछोरा गुलाबी कोर जरकसी लाग ॥ हाथ लकुटि...
मधुवन श्याम करत हैं
मधुवन श्याम करत हें विहार ॥ रही ढरक रंग पाग गुलाबी गावत राग मल्हार ॥१॥ तेसोही पिछोरा लागत भारी मोतीनमाल संवार ॥ सूर घटा...
रही झुक लाल गुलाबी
रही झुक लाल गुलाबी पाग ॥ तापर सुभग चंद्रिका राजत लाल तिलक छबि लाग ॥१॥ तेसोई बन्यो हे चीर प्यारी को कोर जरकसीकी लाग ॥ आप...
फुल गुलाबी साज अति
फुल गुलाबी साज अति सोभित ताहि राजत बालकृष्णजी विहारी ॥ फेंटा गुलाबी पिछोरा रह्यो फबि फुल गुलाब अति भारी ॥१॥ वाम भाग वृष...
आजुं में देखे कुंज बिहारी
आजुं में देखे कुंज बिहारी ॥ सीस धरी रंग पाग गुलाबी तेसोई पिछोरा छबि न्यारी ॥१॥ राग मल्हार अलापत गावत कोयल सब्द उचारी ॥...
देखो माई गोवर्धन सुखरास
देखो माई गोवर्धन सुखरास ॥ रामकृष्ण दोऊ ऊपर बैठे सखा मंडलीपास ॥१॥ हरीपाग ओर हर्यो पिछोरा कोर सुन्हेरी लाग ॥ माणिकके आभूष...
देखो माई सुन्दरताको बाग
देखो माई सुन्दरताको बाग ॥ हरी व्रजभूमि हरी द्रुमवेली हरी गिरिधर शिर पाग ॥१॥ हरे हरे मोर हरी हरी शुकसेना भीज रहे अनुराग...
सखी हरियारो सावन आयो
सखी हरियारो सावन आयो ॥ हरे हरे मोर फिरत मोहन संग हरे वसन मन भायो ॥१॥ हरी हरी मुरली हरी संग राधे हरी भूमि सुखदाई ॥ हरे ह...
आज अति राजत हरि
आज अति राजत हरि हरे ॥ तन शोभित हे हर्यो पीछोरा हरी पाग सीर धरे ॥१॥ हरी चंद्रीका शीश बिराजत हरे हरे ही बढे ॥ सूरश्याम प्...
देखो माई हरियारो सावन
देखो माई हरियारो सावन आयो ॥ हर्यो टिपारो शीश बिराजत काछ हरी मन भायो ॥१॥ हरी मुरली हे हरि संग राधे हरी भूमि सुखदाई ॥ हरी...
प्यारो माई बांधे पीरी
(१) प्यारो माई बांधे पीरी पाग ॥ पीरो पीछोरा पीरो उपरना पीरे बसन अनुराग ॥१॥ पीरो पपैया वन वन बोले कोयल शब्द सुहाग ॥ राजत...
धरें शिर प्यारो पीयरी
धरें शिर प्यारो पीयरी पाग ॥ पीतांबर पेहेरें अति झीनो निरखि सखी छबि वाग ॥१॥ तेसोई चीर बन्यो प्यारीकें चोली रही उर लाग ॥...
आज पट पीतकी छबि
आज पट पीतकी छबि पाई ॥ श्यामघटा जुर सघन देखियत न्हेनी बूंदें आई ॥१॥ मोरचंद शिर मुकुट बिराजत इन्द्र धनुष तिहि ठांई ॥ कानन...
सखीरी देख शोभावनकी
सखीरी देख शोभावनकी ॥ इत मोहन मधुर मुख मुरली उत गरजन नवघनकी ॥१॥ उतही श्याम बादर सोहत इत राजत सामल तनकी ॥ उत बग पांति हीर...
आज अति शोभितहें नंदलाल
आज अति शोभितहें नंदलाल ॥ उत गरजत बादर चहूं दिशतें इत मुरली शब्द रसाल ॥१॥ उत राजत कोदंड इन्द्रको इत राजत वनमाल ॥ उत शोभि...
पीरी पाग सिरपेच चन्द्रिका
पीरी पाग सिरपेच चन्द्रिका सीसफूल लर लटकन सोहे ॥ भाल तिलक कर पोहोंची दुगदुगी बेसरको मोती मन मोहे ॥१॥ करन फूल कटि छुद्र घ...
देखो माई ये बडभागी
देखो माई ये बडभागी मोर ॥ जिनकी पंखको मुकुट बनतहें शिरधरें नंदकिशोर ॥ ये बडभागी नंद यशोदा पुन्यकीये भरझोर ॥ वृन्दावन हम...
कदंबतर ठाडे हैं पिय
कदंबतर ठाडे हैं पिय प्यारी ॥ मोहन के शिर मुकुट बिराजत इत लहरिया सारी ॥१॥ मंदमंद वरखत चहुंदिशतें चमकत बीज छटारी ॥ मुरली...
नयोनेह नयोमेह नयेरसमाते
नयोनेह नयोमेह नयेरसमाते दोऊ नवल कान्ह वृषभान किशोरी ॥ नवल पीतांबर नवल चूनरी नई नई बूंदन भींजत गोरी ॥१॥ नववृन्दावन हरित...