Shri Vrajraj Kumar
श्री व्रजराज कुमार
श्री व्रजराज कुमार लाडिलो ललनवर गाईये ॥ आनंद की निधिवर गाईये भक्तन के मन भांवतो लाडिलो ललनवर गाइये ॥१॥ श्री यशोदोत्संग...
Raag
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श्री व्रजराज कुमार
श्री व्रजराज कुमार लाडिलो ललनवर गाईये ॥ आनंद की निधिवर गाईये भक्तन के मन भांवतो लाडिलो ललनवर गाइये ॥१॥ श्री यशोदोत्संग...
द्विज असाढ़ी सरस दिन
द्विज असाढ़ी सरस दिन नछत्र पुष्य संजोग ॥ रथ शोभा रवि कोटि सम करत नंद सुत भोग ॥१॥ ऋतु बरखा सुहावनि बरखें मेघ मलार ॥ भोंम...
कुंवर चलो जू आगें
कुंवर चलो जू आगें गहवर में जहां बोलत मधुरे मोर ॥ विगसत बन राजी कोकिला करत रोर ॥१॥ मधुरे बचन सुनत प्रीतम के लीनों प्यारी...
आजमाई रथबैठे गिरिधारी
आजमाई रथबैठे गिरिधारी ॥ वामभाग वृषभान नंदिनी पहरेंकसुंभी सारी ॥१॥ तेसोई घन उनयो चहूंदिशतें गरजतहे अतिभारी ॥ तेसेई दादूर...
तुम देखो भाई हरिजूके
तुम देखो भाई हरिजूके रथकी शोभा ॥ प्रात समय मानों उदित भयो रवि निरख नयन अतिलोभा ॥१॥ मणिमय जटित साज सरस सब ध्वजा चमर चितच...
तुम देखो सखी रथ
तुम देखो सखी रथ बैठे व्रजनाथ ॥ संकर्षण के संग विराजत गोप सखा ले साथ ॥१॥ एक ओर राधा युवतीसब छत्रचमर ललिताके हाथ ॥ विविध...
तुम देखो सखी रथ
तुम देखो सखी रथ बैठे गिरिधारी ॥ राजत परम मनोहर सब अंग संग राधिका प्यारी ॥१॥ मणि माणिक हीरा कुंदन खचि डांडी चार संवारी ॥...
तुमदेखो सखरी रथबैठे
तुमदेखो सखरी रथबैठे हरिआज ॥ अग्रज अनुज सहित श्यामघन सबे मनोहर साज ॥१॥ हाटक कलशा ध्वजा पताका छत्र चमर शिरताज ॥ तुरंग चाल...
व्रजमें रथचढ़ चलेरी
व्रजमें रथचढ़ चलेरी गोपाल ॥ संग लिये गोकुलके लरिका बोलत वचन रसाल ॥१॥ श्रवण सुनत गृहगृहतें दौरी देखनकों व्रजबाल ॥ लेत फे...
आज व्रज सोभा की
आज व्रज सोभा की निधि आई ॥ जसोदा नंदन रथ पर बैठें व्रज जन अति सुखदाई ॥१॥ कुलह सेत सेत ही बागो ओर सुथन सेत सुहाई ॥ भूषन व...
लालके रथकी शोभा देखी
लालके रथकी शोभा देखी ॥ कर्यो मनोरथ व्रजकी बनिता मानिक जडित विशेखी॥१॥ वागो कुलही सारी चोली चित्रित कोमल सेती ॥ दोउ भोग द...
जेश्रीजगन्नाथ हरि देवा
जेश्रीजगन्नाथ हरि देवा ॥ रथ बैठे प्रभु अधिक बिराजत जगत करत सब सेवा ॥१॥ सनक सनंदन ओर ब्रह्मादिक इन्द्रादिक जुर आये ॥ अपन...
तुम देखो माई रथ
तुम देखो माई रथ बैठे जदुराय ॥ प्रात समै आवत अलसाने नैननि झुकि झुकि जाँय ॥१॥ संख चक्र गदा पद्म बिराजत सुंदरस्याम स्वरूप...
लालमाई खरेई बिराजत आज
लालमाई खरेई बिराजत आज ॥ रत्न खचित रथ ऊपर बैठे नवल नवल सबसाज ॥१॥ सूथन लाल काछनी शोभित उरवैजयंती माल ॥ माथें मुकुट ओढ़ें...
वा पट पीतकी फहेरान
वा पट पीतकी फहेरान ॥ करगहि चक्र चरणकी धावन नहि विसरत वहबान ॥१॥ रथतें उतर अवनि आतुरव्है कचरजकी लपटान ॥ मानों सिंहशैलतें...
सुंदर बदनरी सुख सदन
सुंदर बदनरी सुख सदन श्यामको निरख नैन मन थाक्यो ॥ हो ठाडी विथन व्हे निकस्यो ऊझकि झरोका झांक्यो ॥१॥ लालन एक चतुराई कीनी ग...
तेरोई मान मनावन रथ
तेरोई मान मनावन रथ चढ आयेरी मोहन मदन गोपाल ॥ नवदुलही वृषभान नंदिनी नव दुलहे नंदलाल ॥१॥ निरखत नेन बदन कमल मुख मीटीहे मदन...
तजहु सयानी कबके मग
तजहु सयानी कबके मग जोवत हे नंदकुमार ॥ चन्दन भवन सैया समार मग जोवत कबके तुव सारंग पानी ॥१॥ छांड मान कर सयानी उठ चल उन पर...
प्रात समे सुमरन कर
प्रात समे सुमरन कर श्रीवल्लभ श्रीविट्ठलनाथ चरन रज लीजे ॥ घुम घटा आई चहुँ दिस तें ता मधि बीजरी जु नाम लहीजे ॥१॥ नाम प्रत...
उठत प्रात रसना रस
उठत प्रात रसना रस पीजे लीजे श्रीवल्लभ प्रभुको नाम ॥ आनंद बीतत सब निशदिन मन वांछित सुधरे सब काम ॥१॥ सुजस गान मन ध्यान आन...
लाल ओर ललनाजू बांह
लाल ओर ललनाजू बांह जोटी उठे प्रात पवनलगत कमल लपटात ॥ यह अजरज मोपें कहेत न बनि आवे दोउनको प्रतिबिंब देख दृग न समात ॥१॥ ब...
झूम रहे बादर सगरी
झूम रहे बादर सगरी निशाके बर्षनकों रहे हैं छाय ॥ जागे सब ग्वाल बाल आय दोर ठाडे द्वार लीने हे लाल जगाय ॥१॥ दोहनी धोय दीनी...
बादर झूम झूम बरसन
बादर झूम झूम बरसन लागे ॥ दामीनी दमकतें चोंक चमक श्याम घनकी गरज सुन जागे ॥१॥ गोपीजन द्वार ठाडे नारीनर भीजे मुख देखन कारन...
बूंदन झर लायो आंगन
बूंदन झर लायो आंगन जहां करत कलेऊ दोऊ भैया ॥ भवनमें आवो लाल संग सब लाओ बाल कहत यशोदा मैया ॥१॥ भीजेगो बसन तन खेलवेको सब द...
आंगन उजारे बैठ करो
आंगन उजारे बैठ करो हो कलेऊ लाल भवन अंधेरो हे कहें मैया ॥ घुमडी घन घटा आई चहुंदिश तें छाई हंसत खरे दोऊ भैया ॥१॥ माखन मिश...
करत कलेऊ मदनगोपाल
करत कलेऊ मदनगोपाल ॥ बहु बिध पाक थार मध्य राखे लेहु मनोहर लाल ॥१॥ जो भावे सो लेहु मेरे मोहन माधुरी मधुर रसाल ॥ परमानंद प...
करत कलेऊ किलकत दोऊ
करत कलेऊ किलकत दोऊ भैया ॥ सद माखन मिश्री ले जसोदा सान सान देत श्री मुख मैया ॥१॥ बरसत गरजत परत पनारे देखत हुलसत दोऊ भैया...
करत कलेऊ किलकत मोहन
करत कलेऊ किलकत मोहन ॥ चहुंदिशतें गरजी घटा बरस रही मोहन लागे गोहन ॥१॥ बांट बांट ग्वाल बालकनकुं जूठे विजन सोहन ॥ निरख चतु...
बोले माई गोवर्धनपर मुरवा
बोले माई गोवर्धनपर मुरवा ॥ तेसीये श्याम घन मुरली बजाई तेसेही उठे झुकधुरवा ॥१॥ बडी बडी बूंदन वर्षन लाग्यो पवन चलत अति झु...
लागत बूंद कटारी पियाबिन
लागत बूंद कटारी पियाबिन ॥ छिन भीतर छिन बाहिर आवत छिनमें चढत अटारी ॥१॥ दादुर मोर पपैया बोले कोयल कुजें कारी ॥ सूरदास प्र...
सखीरी मोय बूंद अचानक
सखीरी मोय बूंद अचानक लागी ॥ सोवत हुती मदन मद माती घन गरज्यो तब जागी ॥१॥ दादुर मोर पपैया बोले कोयल शब्द सुहागी ॥ कुंभनदा...
आये माई वरषाके अगवानी
आये माई वरषाके अगवानी ॥ दादुर मोर पपैया बोले कुंजन बग पांत उडानी ॥१॥ घनकी गरज सुन सुधि न रही कछु बदरन देखडरानी ॥ कुंभनद...
आजमें देखे कुंवर कन्हाई
आजमें देखे कुंवर कन्हाई ॥ प्रातसमें निकसे गायनसंग श्याम घटाजुरि आई ॥१॥ पीतवसन पहरें तन सुंदर कसुंभी पाग सुहाई ॥ मुक्ताम...
आयो आगम नरेश देश
आयो आगम नरेश देश देशमें आनंद मयो मन्मथ अपनी सहायकुं बुलायो ॥ मोरनकी टेर सुन कोकिला कुलाहल तेसोई दादुर हिलमिल सुरगायो ॥१...
गरज गरज उठेबादर
गरज गरज उठेबादर चहुं ओरनते वर्षाऋतु माई आगम जनायो ॥ आनमनसिजदल साज विरहनिपर कर कोप मानों अति सुरपतिव्हे सहाय धनुष तनायो...
देखो कैसी नीकीऋतु आई
देखो कैसी नीकीऋतु आई बदरा ओल्हर आये दामिनी कोंधत नीकी लियें पुरवाई ॥ ठोरठोर हरियारी कुंजन सघन ताई मोर सोर करें जेसें घन...
आगम गहेरी गरज सुन
आगम गहेरी गरज सुन घोर मेघकी औचकी बाल सलोंनी ॥ प्यारीके अंकमें दुररही एसें जेसें केहरि कंदर मंदिर में ध्वनिसुन मृगीके अं...
आली मोरनको सोर सुनि
आली मोरनको सोर सुनि बेग चली राधा प्यारी सारी भीजे शिरकी रंग गुलावांसकी ॥ फुली बन बेली देखि मधुकर करत केलि भूमि भई हरी ज...
ठाडे रहो अंगना हो
ठाडे रहो अंगना हो प्रिय जोंलों नख शिख देह न भीजे ॥ न्हाय क्यों न लेहो लाल आंगन पानी डार देहो वस्त्र ओर पहेरो तब गृह देह...
कोनकरे पटतर तेरी
कोनकरे पटतर तेरी गुण रूप रास राधेप्यारी ॥ श्रियप्रभृति जेती जगयुवती वारफेरडारों तेरेया रूपपर ॥१॥ रागमल्हार अलापत सकल कल...