Pushti Kirtan

Raag

Basant / बसंत

Read 46 Pushtimargiya kirtans in Basant / बसंत with original Braj Bhasha text and English meanings.

Open this collection in search

देखो वृंदावन श्रीकमल नेन

Dekho Vrindavan Shrikamal Nen

देखो वृंदावन श्रीकमल नेन ॥ आयो आयो मदनगुन गुदरदेन ॥ध्रु०॥ दुमनवदल सुवन अनेकरंग ॥ प्रति ललितलता संकुलित संग ॥ करधरे धनुष...

गोपीजन वल्लभ जयमुकुंद

Gopijan Vallabh Jayamukund

गोपीजन वल्लभ जयमुकुंद ॥ मुख मुरलीनाद आनंदकंद ॥ध्रु॥ जयरास रसिक रवनी सुवेस ॥ सिखिन शिखंड विराजे केस ॥ गुजान वनधातु विचित...

देखो रसिकलाल वागो रसाल

Dekho Rasikalal Vago Rasal

देखो रसिकलाल वागो रसाल ॥ खेलत वसंत पिय रसिक बाल ॥ध्रु०॥ घोषघोष की सुधर नारि ॥ रूप रंग सब एक सारि ॥ गावत जुरि मिलि मीठी...

वंदो पदपंकज नंदलाल

Vando Padapankaj Nandalal

वंदो पदपंकज नंदलाल ॥ जे भवतारन पूरन कृपाल ॥ध्रु०॥ चित चिंतत होत बुधि विसाल ॥ कृपाकरन ओर दीनपाल ॥ सदां वसो मेरे हृदय माय...

खेलत वसंत श्रीनंदलाल

Khelat Vasant Shrinandalal

खेलत वसंत श्रीनंदलाल ॥ भरे रंग सब ग्वालवाल ॥ध्रु०॥ जूथजूथ सब नवलवाल ॥ सजिसमाज उडवत गुलाल ॥ गावत पंचम सरस राग ॥ रूपसील भ...

खेलत वसंत वरविद्लेश

Khelat Vasant Varavidlesh

खेलत वसंत वरविट्ठलेश ॥ आनंदकंद गोकुल सुदेस ॥धृ०॥ श्रीगिरिधर गोविंद संग ॥ श्रीबालकृष्ण लज्जित अनंग ॥ श्री गोकुलनाथ अनाथ...

वंदो पद पंकज विट्लेश

Vando Pad Pankaj Vitlesh

वंदो पद पंकज विट्ठलेश ॥ श्रीवल्लभ कुल दीपक सुवेस ॥१॥ जिनकी महिमा जे कहें उदार ॥ अतिजस प्रकट कियो संसार ॥२॥ अनुसरन नीचजे...

खेलत वसंत वर विट्लेश

Khelat Vasant Var Vitlesh

खेलत वसंत वर विट्ठलेश ॥ मिलि रसिकराय गोवर्धनेश ॥धृ०॥ मृगमद कपूर केसरि सुरंग ॥ अति सोंधो सान्यों कुसुमरंग ॥ दोऊ भरि पिचक...

खेलत वसंत वल्लभ कुमार

Khelat Vasant Vallabh Kumar

खेलत वसंत वल्लभ कुमार ॥ सोभा समुद्र बाढ्यो अपार ॥१॥ श्रीगिरिधर गिरिधरन साथ ॥ रंगभरत कनिक पिचकाई हाथ ॥२॥ श्रीगोविंद बालक...

आज वसंत बधायोहे श्रीवल्लभ

Aj Vasant Badhayohe Shrivallabh

आज वसंत बधायोहे श्रीवल्लभ राजदुवार ॥ श्री विट्ठलनाथ कीयो हे रचिरुचि नव वसंत को सिंगार ॥१॥ वल्लभीसृष्टि समाज संग सब बोलत...