Braj Bhayo-Maharikai Poot
ब्रज भयो-महरिकै पूत
ब्रज भयो-महरिकै पूत जब यह बात सुनी ॥ सुनि आनंदे सब लोग गोकुल गणित गुनी ॥ ब्रज पूरब पूरे पुन्य रूपी कुल सुथिर थुनी ॥ ग्र...
Raag
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ब्रज भयो-महरिकै पूत
ब्रज भयो-महरिकै पूत जब यह बात सुनी ॥ सुनि आनंदे सब लोग गोकुल गणित गुनी ॥ ब्रज पूरब पूरे पुन्य रूपी कुल सुथिर थुनी ॥ ग्र...
आज बन कोऊ वह जिन जाय
आज बन कोऊ वह जिन जाय ॥ सब गायन बछरन समेत घर लावौ चित्र बनाय ॥१॥ ढोटा हो ब्रज भयौ रायजूकें कहत सुनाय सुनाय ॥ चहुँ दिश घो...
नैनभर देखौं नंद कुमार
नैनभर देखौं नंद कुमार ॥ जसुमति कूँख चंद्रमा प्रगट्यौ या ब्रजको उजियार ॥१॥ बन जिन जाऊ आज कोऊ गो सुत गाय गुवार ॥ अपने अपन...
यह सुख देखौ री तुम माई
यह सुख देखौ री तुम माई ॥ बरसगांठि गिरिधरनलालकी बहोरि कुशलसों आई ॥१॥ आगमके दिन नीके लागत उर सुख लहरि उठाई॥ ऐसी बात कहत ब...
जन्म फल मानत यशोदा माय
जन्म फल मानत यशोदा माय ॥ जब नंदलाल धूरि धूसरबपु रहत कंठ लपटाय ॥१॥ गोद बैठि गहि चिबुक मनोहर बातें कहत तुतराय ॥ अति आनंद...
आज ग्रह नंदमहरकै बधाई
आज ग्रह नंदमहरकै बधाई ॥ प्रातसमें मोहन मुख निरखत कोटि चंद छबि छाई ॥१॥ मिलि ब्रजनारी मंगल गावत नंदभवन में आई ॥ देत असीस...
नंदमहरकै आज बधाई
नंदमहरकै आज बधाई ॥ जसुमति उदर नवल विधु प्रगट्यौ सकल कला सुखदाई ॥१॥ नाचत सब मिलि करत कुलाहल आनंद मंगल गाई ॥ ब्रजजन देत व...
सामरो मंगल रूप निधान
सामरो मंगल रूप निधान ॥ जा दिनतें हरि गोकुल प्रगटे दिन दिन होत कल्यान ॥१॥ बैठी रहौं श्याम गुन सुमरौं रैन दिना सब याम॥ श्...
आज ब्रज भयौ सकल आनंद
आज ब्रज भयौ सकल आनंद ॥ नंदमहर घर ढोटा जायौ पूरन परमानंद ॥१॥ मंगल कलश विराजत द्वारें गावत गीत अमंद ॥ नाचत तरुनी और गोप स...
आज गोकुलमें बजत बधाई
आज गोकुलमें बजत बधाई ॥ नंदमहरके पुत्र भयो है आनंदमंगल गाई ॥१॥ गाम गामतें जाति आपनी घर घरतें सब आई ॥ उदय भयो जादों कुलदी...
व्रजमें फले फिरत अहीर
व्रजमें फले फिरत अहीर ॥ ढोटा भयो नंदबाबाकें सुखनिधि श्यामशरीर ॥१॥ मंगल कलश दूध दधि अच्छत वेद पढ़त द्विज धीर ॥ मांगन ग्व...
व्रज में घरघर बजत बधाई
व्रज में घरघर बजत बधाई ॥ नंदमहरके पुत्र भयो री जाकौ नाम कन्हाई ॥१॥ ज्ञातिकर्म करि रीति जुगतिसों नालकपीड़ बनाई॥ अधिक दान...
रानीजू सुख पायौ सुत जाय
रानीजू सुख पायौ सुत जाय ॥ बड्डे गोपवधूरानीके हँसि हँसि लागत पाय ॥१॥ पौढ़ी महरि गोद लै ढोटा आछी सेज बिछाय ॥ बोलि लिये व्र...
सखीरी काहेकौं गहरु लगावति
सखीरी काहेकौं गहरु लगावति ॥ सबकोऊ ऐसौ सुख सुनिकै क्यो नाहिन उठि आवति ॥१॥ आज सो बात विधाता कीनी जो जाके मन भावति ॥ सुतको...
रानीजू जायौ पूत सुलच्छन
रानीजू जायौ पूत सुलच्छन ॥ विप्रन दान दिये मनि कंचन वधूवनको पट दच्छन ॥१॥ जन्मत गयौ घोषको नसिकै सब संताप ततच्छन॥ सूरदास प...
आज अति बाढ़चौ है अनुराग
आज अति बाढयौ है अनुराग ॥ पूत भयौरी नंदमहरकै बड़ीबैस बड़भाग ॥१॥ दई सुवच्छ लच्छ दै गैया नंद बढ़ायौ ताग ॥ गुनी गणक बंदीजन...
आज नंदराय कै पूत भयौ
आज नंदराय कै पूत भयौ ॥ करौ बधायौ मनकौ भायौ उरको शूल गयौ ॥१॥ मंगलचार करत भवननमें आई सकल व्रजबाल ॥ गावत आये गीत गोप सब ना...
नंदरायकें नवनिधि आई
नंदरायकें नवनिधि आई ॥ माथें मुकुट श्रवन मणि कुंडल पीत बसन अरु चारि भुजाई ॥१॥ बाजत बीन मृदंग शंख धुनि घसि अरगजा अंग चढ़ा...
झगरिनि ठान्यों झगरौ
झगरिनि ठान्यों झगरौ हरिकौ नाल छुवन नहीं देही । जाही नालतें ब्रह्मा उपज्यौ सोई नालहै ऐही ॥१॥ शिव नारद जाकौ यश गावें जसोद...
जसोदा नाल न छेदन
जसोदा नाल न छेदन देहों । मनिमय जटित हारग्रीवाकौ वहै आज हों लैहों ॥१॥ औरनके हैं सकल गोप मेरे एकै भवन तुह्यारौ । मिटि जो...
झगरिन तें हों बोहोत
झगरिन तें हों बोहोत खिजाई । कंचनहार दियें नहीं मानत तुही अनौखी दाई ॥१॥ बेगि तू नार छेदि बालककौ जातहै ब्यार भराई । सत सं...
अरी मेरी माई लराऊँ
अरी मेरी माई लराऊँ हुलराऊँ हाल री । अगर चंदनकौ पालना घड़ायौ बिच बिच हीरा मोती लाल री ॥१॥ सखी सहेली मंगल गावें बाँधो बंद...
जनम बधाई कुँवरि
जनम बधाई कुँवरि ललीकी । प्रगटी प्रभा अद्भुत सुगंधनी हरि अलि कंजकलीकी ॥१॥ सुमुख समूह सिहात सुनतही यह बिधि बात भलीकी । की...
आज रावल में
आज रावल में बजत बधाई । ढोल भेरि सहनाई शंख ध्वनि बाजत देत सुहाई ॥१॥ वह देखो वृषभान भवनमें विमल ध्वजा फहराई । दूब लै द्वि...
सुनियत रावल होति
सुनियत रावल होति बधाई । प्रगट भयी वृषभान नंदनी रसिक जनन सुखदाई ॥१॥ देत दान वृषभान भवन में याचक नवनिधि पाई। पाटंबर मुक्त...
हमारौ दान दै
हमारौ दान दै हो गुजरैटी । बहुत दिनन चोरी दधि बेच्यौ आज अचानक भेटी ॥१॥ अति सतरात कहाधों करैगी बड़े गोप की बेटी । कुंभनदा...
ग्वालिनि दान हमारो
ग्वालिनि दान हमारौ दीजै । अति मन मुदित होय ब्रजसुंदरि कहत लाल हँसि लीजै ॥१॥ दीजै मन मेरौ अब प्यारे निरखि निरखि मुख जीजै...
मदनगोपाल हठीलौ री
मदनगोपाल हठीलौ री माई ॥ कौन बेर भई हम ठाड़ी रोकी कुँवर कन्हाई ॥१॥ दान लिये बिनु जान न दैहों तुम्हें वृखभान दुहाई॥ काहे...
गोरस बेचन गई
गोरस बेचन गई बिकानी हों ही । छुटि गई लाज साज नंदलाल गहि ठाढ़ी चितवत सोंहि ॥१॥ सनमुखते ऊँचे सखी इत उत नेकु न नैना होंही...
लाल तुम पकरि
लाल तुम पकरि कैसी बानि । जबहीं हम आवत बेचन तबहीं रोकत आनि ॥१॥ मन आनंद कहत मुँह कीसी नंदनंदनसों बात । घूँघटके ओझल ह्वै द...
यशोदा मदनगोपाल बुलावे
यशोदा मदनगोपाल बुलावे ॥ धनतेरस आवो मेरे प्यारे ले उछंग हुलरावे ॥१॥ हरीजरी वागा बहु भूषण रुचिसों बहुत धरावे ॥ व्रजपतिकी...
प्यारी अपनो धन
प्यारी अपनो धन जो संभारे ॥ वारंवार देख नयननसों लेजु हृदयमें धारे ॥१॥ रुचिसों सरस संभारत पियकों आभूषण बहु सोहे ॥ आगम निर...
धनतेरस दिन अति
धनतेरस दिन अति सुखदाई ॥ राधा मन अतिमोद बढ्यो हे मनमोहन धनपाई ॥१॥ राखत प्रीति सहित हृदयमें गुरुजन लाज वहाई ॥ द्वारकेश प्...
आज माई धन
आज माई धन धोवत नंदरानी ॥ कार्तिक वदि तेरस दिन उत्तम गावत मधुरी बानी ॥१॥ नवसत साज सिंगार अनूपम करत आप मन मानी ॥ कुंभनदास...
न्हात बलकुंवर कुंवर
न्हात बलकुंवर कुंवर गिरिधारी ॥ जसुमति तिलक करत मुख चुंबत आरती नवल उतारी ॥१॥ आनंद राय सहित गोप सब नंदरानी व्रजनारी ॥ जलस...
आज न्हाओ मेरे
आज न्हाओ मेरे कुँवर कन्हैया मानी काल दिवारी ॥ अति सुगंध केसर उबटनों नये वसन सुखकारी ॥१॥ कछु खाओ पकवान मिठाई हों तुम ऊपर...
न्हात बलदाऊ कुंवर
न्हात बलदाऊ कुंवर कन्हाई ॥ अति सुगंध केसर कस्तूरी जलमें घोर मिलाई ॥१॥ रत्नजटित आभूषण वस्तर व्रजरानी पहेराये ॥ अति आनंद...
बलन्हाये तैसें लालन
बलन्हाये तैसें लालन न्हैयें ॥ उवटे अंग कित फिरतहो धाये कमल नयन बलजैयें ॥१॥ न्हाओन तातोपानी सीयरो समोय कनक कुंडी भरि सिर...
न्हाववत सुतकों नंदरानी
न्हाववत सुतकों नंदरानी ॥ मानत पर्व रूपचौदसको तिलक उवटनो कर हरखानी ॥१॥ वस्त्र लालजरी आभूषण पहरावत रुचिसों मनमानी ॥ मेवा...
बोहोरि कृष्ण श्रीगोकुल
बोहोरि कृष्ण श्रीगोकुल प्रकटे श्रीविठ्ठलनाथ हमारे ॥ द्वापुर बसुधा भारहर्यो हरि कलियुगजीव उद्धारे ॥१॥ तब वसुदेव गृह प्रक...