Nandadham Khelat Hari
नंदधाम खेलत हरि
नंदधाम खेलत हरि डोलत । यशोमति करति रसोई भीतर आपुन किलकत बोलत ॥१॥ टेरि उठी जसुमति मोहन कहि आवौ चरन चलाई । बैन सुनत माता...
Occasion
Read 78 Pushtimargiya kirtans for Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला with original Braj Bhasha text and English meanings.
Open this collection in search
नंदधाम खेलत हरि
नंदधाम खेलत हरि डोलत । यशोमति करति रसोई भीतर आपुन किलकत बोलत ॥१॥ टेरि उठी जसुमति मोहन कहि आवौ चरन चलाई । बैन सुनत माता...
खेलत नंद आँगन
खेलत नंद आँगन गोविंद । निरख निरख जसुमति सुख पावत बदन मनोहर चंद ॥१॥ कटि किंकिनी चंद्रमनि की आभा मुक्तावलि बनी माल । परम...
धनि जसुमति बड़भागिनी
धनि जसुमति बड़भागिनी लियें कान्ह खिलावै । तनतनक भुज पकरिकें ठाड़े हौन सिखावै ॥१॥ लरखरात गिर परत है चलि घुटुरुवन धावै ।...
बलिबलि जाँऊँ मधुर
बलिबलि जाँऊँ मधुर सुर गावहु । अबकी बार मेरे कुँबर कन्हैया नंदहि नाच दिखावहु ॥१॥ तारी देहु आपने करकी परम प्रीति उपजावहु...
लेउ लाल मेरे
लेउ लाल मेरे लाल खिलौना । दुरि जिन जाउ बाहिर हाऊ है खेलौ बलि मोहन यह भौना ॥१॥ डरपि आय जननी उर लागे जटित नीलमणि ज्यों मध...
किलकत कान्ह घुटुरुवन
किलकत कान्ह घुटुरुवन आवत । मनिमय कनिक नंदके आँगन मुख प्रतिबिंब पकरबे धावत ॥१॥ कबहुँ निरख हरि आप छाँहकों करसों पकरन चाहत...
आज प्रातहि तुतरात
आज प्रातहि तुतरात बात कहत बलि कन्हैया । जैसे शुक पीक बोलतहैं अरसपरस सुनसुन सुखपावत लावत नंद यशोदा मैया ॥१॥ बचन रचन कहत...
जसोमति अपनौ लाल
जसोमति अपनौ लाल खिलावै प्रेम की कलोलनते लाड़ लड़ावै । उबटि मजन कर सिंगार भृकुटि मसि बिंदुका लाय जाहि गावत बेद ताहि चलनौ...
नित प्रति मानति
नित प्रति मानति सो दिन देखों । घुटुरुवन चलत पैजनी बाजें जीवन जनम सुफल करि लेखों ॥१॥ रबकि उठाय लई कनियाँ पै बारबार लाल म...
ब्रजकीरीति अनोखीरी
ब्रजकीरीति अनोखीरी माई ॥ जो कोऊ नंदभवनमें आबत ताको मनहरलेत कन्हाई ॥१॥ उरबघनां मुख मांखन सोहे तनकी कहाकहूं जो निकाई ॥ घु...
आजमैं देख्यौ बालविनोद
आजमैं देख्यौ बालविनोद ॥ अपनेसुतही खिलावत रानी मनमें मानत मोद ॥१॥ मनमोहन मांखनमिश्रीदे लै बैठारत गोद ॥ श्रीविठ्ठलगिरिधर...
ए बसुदेव के
ए बसुदेव के दोऊ ढोटा । गौर स्याम तन नील पीत पट कल हंसनि के जोटा ॥ कुंडल एक वाम स्त्रुति जाकें सो रोहिनी कौ अंसु । उर बन...
ठाड़ी लियें खिलावत
ठाड़ी लियें खिलावत कनियाँ । प्रमुदित मन गावत जसोदा हरि लीला मोहनियाँ ॥१॥ काजर तिलक पीत तन झगुली क्वणित पाँइ पैंजनियाँ।...
आवौ मेरे छगन
आवौ मेरे छगन मगन । बालगोपाल लेहु बलैयाँ दधि माखन चलेहु आँगन ॥१॥ सिखवत चलन जसोदा मैया अँगुरी लगन । कोमल चरन कहौ कैसें की...
हरिहिं जो बालकलीला
हरिहिं जो बालकलीला भावै । माखन दूध दही की चोरी सोई यसोदा गावै ॥१॥ शकटभंजन पूतना सोषी तृणावर्त दलन कीनौ । केशी हतन यमुला...
ज्यों ज्यों नूपुर
ज्यों ज्यों नूपुर बाजें त्यों त्यों धरनी धरें पाँय । बिच बिच मनिमय जरायकें राखे पाट पुहाय ॥१॥ दुलरी कंठ दुकानन दुर हीरा...
तुमारे लाल रूप
तुमारे लाल रूप पर वारी । मृगमद तिलक कंठ कटुला वलि मुख मुसिकान पियारी ॥१॥ घूँघरवारे बार श्यामके लर लटकत गजमोती । देखि स्...
खेलन जान न
खेलन जान न दैहौं लाल । काल्हि जो दृष्टि लगी मन मोहन दीयौ चखोड़ा गाल ॥१॥ ताही तें नहीं पट पहिरावत नहीं मेलत गलमाल । आसकर...
माई मेरी गोपाल
माई मेरी गोपाल लड़ैतौ । अपनौ काहू छुवन न दैहौं याहीते लोग बड़ैतौ ॥१॥ मेरेई धन गोरस बहुतेरौ लैन उधार न जाइवौ । राखोंगी क...
एकसमें जसुमति सखियनसों
एकसमें जसुमति सखियनसों बात कहत मुसिकाय । मो देखत कबधों मेरी लालन भूमि धरैगौ पाँय ॥१॥ पुनि मैया मोसों कब कहि है कुँवर कछ...
मैयारी तू मोहि
मैयारी तू मोहि बड़ौ कर लैरी । दूध दही घृत माखन मेवा जो माँगों सो देरी ॥१॥ कछु दुराव राखै जिन मोसों जोइ जोइ मोइ रुचैरी ।...
तेरी गोपाल रन-सूरी
तेरौ गोपाल रन-सूरौ । जहि जहि फिरत पचारि सांवरौ तहीं परत है पूरौ ॥ वृषभ रूप इक दानव आयो सो छिनु में लै मार्यौ । दोऊ हाथ...
कोलाहल जमुना के
कोलाहल जमुना के तीर । कालीनाग कहत हैं नाथ्यो संकरषन के बीर ॥ लागी पुकार सकल ब्रजबासी नंद जसोमति संग । उछटत परत सीस कच छ...
हमारे गोकुल आनंद
हमारें गोकुल आनंद चानु । दुहियत गांई दूध परिपूरन कीनों कछू पसानु ॥ कहै ग्वाल सब आनंद माते आंनि बन्यो है दानु । कहा करैग...
कहन लागे मोहन
कहन लागे मोहन मैया मैया । बाबा बाबा नंदरायसों अरु हलधरसों भैया भैया ॥१॥ छगन मगन मधुसूदन माधौ सब ब्रज लेत बलैया। नाचत मो...
शोभित श्याम तन
शोभित श्याम तन पीत झगुलिया । कुल ही लाल लटकन छबि बघना चलन सिखावत मैया ॥१॥ डगमगात पग धरत मनोहर अति राजत पेंजनिया । जसुमत...
छोटौसौ कन्हैया एक
छोटौसौ कन्हैया एक मुरली मधुर छोटी छोटे छोटे ग्वालबाल छोटी पाग शिरकी । छोटेसे कुंडल कान मुनिनके छूटे ध्यान छूटे पट छूटी...
चलो मेरे लाडिले
चलौ मेरे लाडिले हो पाँयन पग धरौ मनमोहन लैहुँ बलाय ॥१॥ आजकौ दिन सुहावनों बलिजाऊँ लालरे आँगन खेलियै धाय । बारूँगी सर्वसु...
छगनमगन बारे कन्हैया
छगनमगन बारे कन्हैया नेंकु उर धों आउरे लाल । बनमें खेलन जात लाल व्है रहे सब मलिन गात अपने लालकी लैहुँ बलायरे लाल ॥१॥ संग...
मेरे छगनमगन खेलौ
मेरे छगनमगन खेलौ आँगन जसुमतिके बारे । लटकन लटकत लिलाट धूरि धूसर भरे गात कहत मीठी तोतरी बात कुंतल घूँघरवारे ॥१॥ कंठ कठुल...
बलिबलि जाऊँ छबीले
बलिबलि जाऊँ छबीले लालकी । धूसर धूरि घुटुरुवन टेकत बोलत बचन रसालकी ॥१॥ कछुक हाथ कछू मुख माखन चितवनि नैनविशालकी । मोतन हँ...
झनक मनक तनकसे
झनक मनक तनकसे छगनाँ । न्हानी न्हानी सोहै दूधकी दतियाँ किलकि किलकि लागत छतियाँ रज झारत री झपगनाँ ॥१॥ गोद लियें हुलरावै ख...
तिहारी बात मोहि
तिहारी बात मोहि भावत लाल । बारबार जसुमतिके भवन में यह सुनत हों आवत लाल ॥१॥ पारपरौसिन अनख करति हैं औरें कछू लगावत लाल ।...
अब हठ छाँडि
अब हठ छाँडि देहु रे मेरे बारे कन्हैया । जो माँगौ सो देहों लला रे ! माखन दूध मलैया ॥ चकई भौंरा पाट के लटकन और मँगाई दैहो...
एक रीति प्रीति
एक रीति प्रीति वश कीने मोहन याही तें ब्रजरीति न्यारी । जाकी माया सब जगत नचावत ताहि नचावत घोषकी नारी ॥१॥ जाकी चरन रज ब्र...
बल बल जाउँ
बल बल जाउँ मधुर सुर गावो ॥ अबकी वेर मेरे कुंवर कन्हैया नंद ही नाच दिखावो ॥१॥ हेरी दे बावा के आगे परम प्रीत उपजावो॥ रतन...
आछो नीकी सोहत
आछो नीकी सोहत हसन द्वै द्वै दुधकी दतियां । घुटुरुवन आंगन रिंगन मोहन खेलत आनआन भतियां ॥१॥ लरलटकन मटकन करपोहोंची बोलत तोत...
आँगनमें हरि सोय गयेरी
आँगनमें हरि सोय गयेरी ॥ हरे हरे दोऊ जननी मिलिके सेज सहित तब भवन लहेरी ॥१॥ कहत रोहिणी इन्हें न जगावौ खेलत डोलत हार गयेरी...