Madhau Ju Tanakasau
माधौ जू तनकसौ
माधौ जू तनकसौ बदन तनकसे चरन तनक करन पर तनकसौ माखन । तनकसे अधर तनकसी दतियाँ तनक हँसन हरि लेत सबन मन ॥१॥ तनकसे कपोल तनकसी...
Raag
Read 233 Pushtimargiya kirtans in Bilaval · बिलावल with original Braj Bhasha text and English meanings.
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माधौ जू तनकसौ
माधौ जू तनकसौ बदन तनकसे चरन तनक करन पर तनकसौ माखन । तनकसे अधर तनकसी दतियाँ तनक हँसन हरि लेत सबन मन ॥१॥ तनकसे कपोल तनकसी...
माधौजू तनकसो बदन
माधौजू तनकसो बदन सदन शोभाकौ तनक भूकुटी पर तनक दिठौना । तनक लटूरी सोहें मुनिन के मन मोहे मानों कमल ढिंग बैठे अलि छौना ॥१...
आनंद प्रेम उमगि
आनंद प्रेम उमगि जसोदा हरखि गोपाल खिलावै । शिव सनकादिशुकादि ब्रह्मादिक खोजत अंत न पावै ॥१॥ ताहि गोदलै जननी दुलरावति तोतर...
नंदधाम खेलत हरि
नंदधाम खेलत हरि डोलत । यशोमति करति रसोई भीतर आपुन किलकत बोलत ॥१॥ टेरि उठी जसुमति मोहन कहि आवौ चरन चलाई । बैन सुनत माता...
खेलत नंद आँगन
खेलत नंद आँगन गोविंद । निरख निरख जसुमति सुख पावत बदन मनोहर चंद ॥१॥ कटि किंकिनी चंद्रमनि की आभा मुक्तावलि बनी माल । परम...
धनि जसुमति बड़भागिनी
धनि जसुमति बड़भागिनी लियें कान्ह खिलावै । तनतनक भुज पकरिकें ठाड़े हौन सिखावै ॥१॥ लरखरात गिर परत है चलि घुटुरुवन धावै ।...
बलिबलि जाँऊँ मधुर
बलिबलि जाँऊँ मधुर सुर गावहु । अबकी बार मेरे कुँबर कन्हैया नंदहि नाच दिखावहु ॥१॥ तारी देहु आपने करकी परम प्रीति उपजावहु...
लेउ लाल मेरे
लेउ लाल मेरे लाल खिलौना । दुरि जिन जाउ बाहिर हाऊ है खेलौ बलि मोहन यह भौना ॥१॥ डरपि आय जननी उर लागे जटित नीलमणि ज्यों मध...
किलकत कान्ह घुटुरुवन
किलकत कान्ह घुटुरुवन आवत । मनिमय कनिक नंदके आँगन मुख प्रतिबिंब पकरबे धावत ॥१॥ कबहुँ निरख हरि आप छाँहकों करसों पकरन चाहत...
आज प्रातहि तुतरात
आज प्रातहि तुतरात बात कहत बलि कन्हैया । जैसे शुक पीक बोलतहैं अरसपरस सुनसुन सुखपावत लावत नंद यशोदा मैया ॥१॥ बचन रचन कहत...
जसोमति अपनौ लाल
जसोमति अपनौ लाल खिलावै प्रेम की कलोलनते लाड़ लड़ावै । उबटि मजन कर सिंगार भृकुटि मसि बिंदुका लाय जाहि गावत बेद ताहि चलनौ...
नित प्रति मानति
नित प्रति मानति सो दिन देखों । घुटुरुवन चलत पैजनी बाजें जीवन जनम सुफल करि लेखों ॥१॥ रबकि उठाय लई कनियाँ पै बारबार लाल म...
ब्रजकीरीति अनोखीरी
ब्रजकीरीति अनोखीरी माई ॥ जो कोऊ नंदभवनमें आबत ताको मनहरलेत कन्हाई ॥१॥ उरबघनां मुख मांखन सोहे तनकी कहाकहूं जो निकाई ॥ घु...
आजमैं देख्यौ बालविनोद
आजमैं देख्यौ बालविनोद ॥ अपनेसुतही खिलावत रानी मनमें मानत मोद ॥१॥ मनमोहन मांखनमिश्रीदे लै बैठारत गोद ॥ श्रीविठ्ठलगिरिधर...
ए बसुदेव के
ए बसुदेव के दोऊ ढोटा । गौर स्याम तन नील पीत पट कल हंसनि के जोटा ॥ कुंडल एक वाम स्त्रुति जाकें सो रोहिनी कौ अंसु । उर बन...
नृपति बचन यह
नृपति बचन यह सबनि सुनायौ । मुहाँ चही सेनापति कीनौ शकटासुर सुनि गर्व बढ़ायौ ॥१॥ दोऊ करजोरी भयौ तब ठाड़ौ प्रभु आइसु में प...
पान लै चल्यौ
पान लै चल्यौ नृप आनंद किनौ । गयौ शिरनाइकें गर्व बढ़ायकें शकटको रूप धरि असुर लीनौ ॥१॥ सुनत घहरानि ब्रजलोग चकूत भये कहा आ...
शोभित सुभग नंदजूकी
शोभित सुभग नंदजूकी रानी । अति आनंद आँगनमें बैठी गोद खिलावत सारंगपानी ॥१॥ तृणावर्तकी करी सुरति जिय पठयौ कंस असुर अभिमानी...
जसुमति मन अभिलाख
जसुमति मन अभिलाख करै । कब मेरौ लाल घुटरुवन रेंगे कब धरनी पग द्वैक धरै ॥१॥ कब द्वै दाँत दूधके देखों कब तुरते मुख बेन झरै...
अति कोमल तनु
अति कोमल तनु धर्यो कन्हाई । गये तहाँ जहाँ काली सोवत उरगनारि देखत अकुलाई ॥१॥ कह्यो कौनकौ बालक है तू बार बार कहि भाग न जा...
उरग लियौ हरिकों
उरग लियौ हरिकों लपटाई । गर्व बचन कहि कहि मुख भाखत मोकों नहिं जानत अहिराई ॥१॥ लिये लपेटि चरण तें शिखलों अति यह मोकों करि...
अहो मेरी लाड़िली
अहो मेरी लाड़िली कुंवरि कंचन पालने झूले । मृदु मुसिकानि निरखि नैन सुख कीरतिजू मनही मन फूलै ॥१॥ कबहुँक चटकोरी चटकावति कब...
लड़ेती पालनें झूले
लड़ेती पालनें झूले । रंगमहल रुचि रच्यौ विधाता निरखि निरखि मन फूलै ॥१॥ नवनिधि सिद्धि जाकी आज्ञाकारी सो जाई कीरति बाल । स...
खेलनके मिस कुँवरि
खेलनके मिस कुँवरि राधिका नंदभुवन में आई हो। सकुचत हँसत मधुर स्वर बोली घर हैं कुँवर कन्हाई ॥१॥ सुनत श्याम कोकिल धुन बानी...
यह पीतपट कहाँ
यह पीतपट कहाँ ते पायौ। इतनी प्रीत गुप्त मोहन की तैं राधे त्रैलोक सुनायौ ॥१॥ ना याको मूल ना याको ग्राहक ना लीयौ मोल ना घ...
श्री यमुना तट
श्री यमुना तट खेलत देखि वृषभान गोपकी कन्या। चलो स्याम अब तुम्हें बताऊं ब्रजमें प्रकटी कोऊ अनन्या ॥१॥ यह सुन रतिगढ़ जीतन...
भान आंगन खेलत
भान आंगन खेलत जू लड़ैती। चकई बंगी फिरकी डोरी खेलत स्याम संग राधे हरख बढावती ॥१॥ ले लेहंटू कर गेंद उछारत सब बालकनमें गुन...
श्री नवनागरी प्यारी
श्री नवनागरी प्यारी तू वृन्दावनकी रानी । बिहारिन लाड़िली प्यारी तेरी कीरति जगत बखानी ॥चाल॥ जगत में जगमग रह्यौ यश बिन कृ...
तुम नंदमेहेरके लाल
तुम नंदमेहेरके लाल मोहन जान दै ॥ रानी जसुमति प्रान आधार ॥ मोहन जान दै ॥धृ.॥ श्रीगोवर्धनकी शिखरतें मोहन दीनी टेरा॥ अंतरं...
ठाढ़े लाल सखन मधि
ठाढ़े लाल सखन मधि छबिसों दान केलि ब्रजवीथनि ठानी ॥ गोरस लै लै आवति सुंदरि बात करत सबहिन मनमानी ॥१॥ कोऊ तमक त्रिय कोऊ नि...
दानही दान करी
दानही दान करी नकमानी कहा पर्यौ मेरे ख्याल लालरे । जो हम यह व्योहार छाँड़िदें दही महीकौ भये कहाँके दानी ॥१॥ कीजै नफा कों...
मील पाच सात
मील पाच सात निकसी दधि बेचन बीच मीले नंद नंदनरी॥ मुखचार तंबोल बड़ी अँखियाँ अलके भँवरे मन फंदनरी ॥१॥ मृदु बोलत बेन गरुर भ...
नंदनंदन दान निवेरत
नंदनंदन दान निवेरत री ॥ राखै रोकि दधि समेत ग्वालिनी सखावृंद प्रति टेरत ॥१॥ जब उठि चलत प्रबल गोपीजन तब आगें उठि घेरत ॥ ब...
व्रत धरि देवी
व्रत धरि देवी पूजी ॥ जाके मन अभिलाष न दूजी ॥ कीजै नंदपुत्र पति मेरे ॥ पैहों जो अनुग्रह तेरे ॥ छंदा॥ कर अनुग्रह वर दियो...
नवनिकुंज देवी राधिके
नवनिकुंज देवी राधिके वरदाइनी देवप्रिये वृंदावन वृंद वासिनी ॥ करतलाल आराधन साधन करमन प्रतीत नामावलि मंत्र जपत जयविलासिनी...
दूधसो स्नान करो
दूधसो स्नान करो मन मोहन छोटी दिवारी काल मनाये ॥ करो सिंगार लाल तन वागो कुल्हे जरकसी सीस धराये ॥१॥ जेसो श्याम पीतरंग प्य...
धनतेरस रानी धन
धनतेरस रानी धन धोवति। गर्ग बुलाई वेद-विधि पूजति ठौर-ठौर घृत-दीप संजोवति ॥ धूप दीप नैवेद्य भोग धरि स्यामसुन्दर इकटक मुख...
आज दिवारी बडो
आज दिवारी बडो परब घर ॥ कहत जसोदा सुनहु लालतुम लेलकुटी खेलो अपने कर ॥१॥ प्रथम न्हाओ आछे सोधे सों गुहि बेनी अंजन देउ नटवर...
आज दिवारी मंगल
आज दिवारी मंगल चार ॥ व्रजयुवति मिल मंगल गावत चोक पुरावत आंगन द्वार ॥१॥ मधु मेवा पकवान मिठाई भरि भरिलीने कंचन थार ॥ परमा...
घरी एक छांडो
घरी एक छांडो तात विहार ॥ रामकृष्ण तुम दोऊ भैया आवो बैठो करो शृंगार ॥१॥ यशोमति कहतहे आज अमावस दीपमालिका मंगलनाम ॥ घरघर ब...