Pushti Kirtan

Raag

Bilaval · बिलावल

Read 233 Pushtimargiya kirtans in Bilaval · बिलावल with original Braj Bhasha text and English meanings.

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Shobhit Subhag Nandajuki

शोभित सुभग नंदजूकी

शोभित सुभग नंदजूकी रानी । अति आनंद आँगनमें बैठी गोद खिलावत सारंगपानी ॥१॥ तृणावर्तकी करी सुरति जिय पठयौ कंस असुर अभिमानी...

Shri Navanagari Pyari

श्री नवनागरी प्यारी

श्री नवनागरी प्यारी तू वृन्दावनकी रानी । बिहारिन लाड़िली प्यारी तेरी कीरति जगत बखानी ॥चाल॥ जगत में जगमग रह्यौ यश बिन कृ...

Tum Nandameherake Lal

तुम नंदमेहेरके लाल

तुम नंदमेहेरके लाल मोहन जान दै ॥ रानी जसुमति प्रान आधार ॥ मोहन जान दै ॥धृ.॥ श्रीगोवर्धनकी शिखरतें मोहन दीनी टेरा॥ अंतरं...

Thadhe Lal Sakhan Madhi

ठाढ़े लाल सखन मधि

ठाढ़े लाल सखन मधि छबिसों दान केलि ब्रजवीथनि ठानी ॥ गोरस लै लै आवति सुंदरि बात करत सबहिन मनमानी ॥१॥ कोऊ तमक त्रिय कोऊ नि...

Danahi Dan Kari

दानही दान करी

दानही दान करी नकमानी कहा पर्यौ मेरे ख्याल लालरे । जो हम यह व्योहार छाँड़िदें दही महीकौ भये कहाँके दानी ॥१॥ कीजै नफा कों...

Mil Pach Sat

मील पाच सात

मील पाच सात निकसी दधि बेचन बीच मीले नंद नंदनरी॥ मुखचार तंबोल बड़ी अँखियाँ अलके भँवरे मन फंदनरी ॥१॥ मृदु बोलत बेन गरुर भ...

Vrat Dhari Devi

व्रत धरि देवी

व्रत धरि देवी पूजी ॥ जाके मन अभिलाष न दूजी ॥ कीजै नंदपुत्र पति मेरे ॥ पैहों जो अनुग्रह तेरे ॥ छंदा॥ कर अनुग्रह वर दियो...

Navanikunj Devi Radhike

नवनिकुंज देवी राधिके

नवनिकुंज देवी राधिके वरदाइनी देवप्रिये वृंदावन वृंद वासिनी ॥ करतलाल आराधन साधन करमन प्रतीत नामावलि मंत्र जपत जयविलासिनी...

Dudhso Snan Karo

दूधसो स्नान करो

दूधसो स्नान करो मन मोहन छोटी दिवारी काल मनाये ॥ करो सिंगार लाल तन वागो कुल्हे जरकसी सीस धराये ॥१॥ जेसो श्याम पीतरंग प्य...

Dhanteras Rani Dhan

धनतेरस रानी धन

धनतेरस रानी धन धोवति। गर्ग बुलाई वेद-विधि पूजति ठौर-ठौर घृत-दीप संजोवति ॥ धूप दीप नैवेद्य भोग धरि स्यामसुन्दर इकटक मुख...

Aaj Divari Bado

आज दिवारी बडो

आज दिवारी बडो परब घर ॥ कहत जसोदा सुनहु लालतुम लेलकुटी खेलो अपने कर ॥१॥ प्रथम न्हाओ आछे सोधे सों गुहि बेनी अंजन देउ नटवर...

Aaj Divari Mangal

आज दिवारी मंगल

आज दिवारी मंगल चार ॥ व्रजयुवति मिल मंगल गावत चोक पुरावत आंगन द्वार ॥१॥ मधु मेवा पकवान मिठाई भरि भरिलीने कंचन थार ॥ परमा...

Ghari Ek Chhando

घरी एक छांडो

घरी एक छांडो तात विहार ॥ रामकृष्ण तुम दोऊ भैया आवो बैठो करो शृंगार ॥१॥ यशोमति कहतहे आज अमावस दीपमालिका मंगलनाम ॥ घरघर ब...